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Showing posts from 2021

कर्म - अच्छा या बुरा?

          कर्म  -   अच्छा या बुरा? …..विजय रुस्तगी बचपन से सुनते आ रहे हैं- यदि एक व्यक्ति अच्छा कर्म करता है तो उसे उसका फल अच्छा मिलता है और बुरे कर्म का नतीजा बुरा ही होता है।  भले ही यह फल इस जन्म में मिले या अगले जन्म में,  पर मिलता अवश्य है। कितनी अच्छी  सोच है। समाज में अच्छाई को बढ़ावा देने के लिए वाकई यह रामबाण है। यह विषय काफी वृहद है इसलिए आज सिर्फ इस विषय पर विचार करेंगे कि एक कर्म कब अच्छा होता है और कब बुरा।  हमारी बातचीत अधिकांशतः सामाजिक विश्वास और श्रद्धा पर आधारित है, ना कि किसी कानून के आधार पर। आज के अध्ययन में  दो शब्दों का प्रयोग  कई बार होगा -  कार्य और कर्म । कार्य वे जो हमें दिखाई पड़ता है जबकि कर्म का अर्थ कार्य से भी बृहद है क्योंकि इसमें कार्य के अलावा और भी कई बातों का समावेश है ।  क्या सारे  कर्म जैसे दिखते हैं वैसे ही होते हैं? कोई भी  कार्य पहले मस्तिष्क में विचार के रूप में आता है और अधिकांशतः  सोच समझ के किया जाता है । बहुत से  क...

एक दृष्टांत - महाभारत से

                                               एक दृष्टांत - महाभारत से                                                                        ………..  विजय रुस्तगी सत्य की महत्ता सभी को विदित है।  पुराने ग्रंथों में और बचपन से ही प्राप्त शिक्षा के अनुसार सत्य  अकाट्य है और किसी भी परिस्थिति में इससे विमुख नहीं हुआ जा सकता।   पर क्या इसके भी कुछ अपवाद है?   क्या यह सत्य नहीं,  कि सामाजिक तौर-तरीकों में काफी प्रयोग होते रहते हैं और कोई एक तरीका हमेशा  कारगर साबित नहीं ह...