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Showing posts from August, 2020

सफलता 4 : जो भी करो विशेष करो

  कृपया मेरे ब्लॉग को सब्स्क्राइब ( ऊपर बने “Subscribe”  बटन को दबाकर) करें। और कमेन्टस् भी लिखे।   क्रमशः  …...अब तक आपने मेरे सफलता सीरीज़ के पिछले ब्लोग्स में पढ़ा कि “सफलता क्या है” और “सफलता की सोच”।    अब आगे पढ़िए…..    विशेष यानी गुणवत्ता पर जोर यदि हम ज्यादा काम करें और उसमें गुणवत्ता न हो;  तो उससे अच्छा है कि हम कम करें मगर वह गुणवत्ता से भरा हो, विशेष हो,  दुनिया में अनोखा हो।  जो भी कार्य करें,  उसे पूर्णता से करें, उसके बारे में हमें पूर्ण ज्ञान हो।  पूर्णता और गुणवत्ता से  किया गया कार्य, अलग ही दिखता है, सभी को पसंद आता है  और यह सफलता की सीढ़ी बन जाता है।  कार्य ऐसा हो कि सभी पूछें, किसने किया, कैसे किया? अच्छा कार्य स्वयं बोलता है। कहीं नई टीम बन रही है तो ऐसे व्यक्तियों को  ढूंढ कर, पहले अवसर दिया जाता है।  मोनालिसा चित्र की तरह विशिष्ट गुणवत्ता से भरा कार्य  हो तो सबका ध्यान आकर्षित होता ही है,  साथ ही बहुत अच्छा प्रभाव  पड़ता है। दुनिया हमेशा महारत हासिल  लो...

सफलता भाग 3 - नकारात्मकता को सकारात्मकता में कैसे बदले

पिछले ब्लॉग में आपने सकारात्मक और नकारात्मक विचारों के बारे में जाना, यह भी मालूम हुआ कि अपने नकारात्मक विचारों को कैसे पहचाने, अब आगे पढ़िए…..  नकारात्मकता को सकारात्मकता में कैसे बदलें    नकारात्मकता को नकारात्मकता समाप्त नहीं कर सकती, नकारात्मकता को तो केवल सकारात्मकता ही समाप्त कर सकती है| इसीलिए जब भी कोई छोटा सा नकारात्मक विचार मन में आये हमें सचेत हो जाना चाहिए ।उसे उसी पल सकारात्मक विचार में बदल देना चाहिए|  सकारात्मक मानसिकता वाले लोगों की पहचान की जाती है और उन्हें टीम में शामिल किया जाता है।  पर हम आखिर ऐसा कैसे करें? आप नीचे लिखे कुछ नुस्खे आज़मा सकते हैं अ) आईने से बात करें   जब कभी हमें नकारात्मक सोच से पाला पड़े तो तुरंत आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से मुस्कुराते हुए बोलें-  “आज मेरा दिन है मुझे पता है,  मैं आज सबसे अव्वल आऊंगा मैं विजेता हूँ”  क्या बोलना है वह शब्द अपनी परिस्थितियों के अनुसार चुनें।  ब) अपनी हथेलियों से बातें करें   अपनी हथेलियों को खोल कर उन्हें देखते हुए बोलें -   “मैं अपना भविष्य ख...