पिछले ब्लॉग में आपने सकारात्मक और नकारात्मक विचारों के बारे में जाना, यह भी मालूम हुआ कि अपने नकारात्मक विचारों को कैसे पहचाने, अब आगे पढ़िए…..
नकारात्मकता को सकारात्मकता में कैसे बदलें
नकारात्मकता को नकारात्मकता समाप्त नहीं कर सकती, नकारात्मकता को तो केवल सकारात्मकता ही समाप्त कर सकती है| इसीलिए जब भी कोई छोटा सा नकारात्मक विचार मन में आये हमें सचेत हो जाना चाहिए ।उसे उसी पल सकारात्मक विचार में बदल देना चाहिए|
सकारात्मक मानसिकता वाले लोगों की पहचान की जाती है और उन्हें टीम में शामिल किया जाता है।
पर हम आखिर ऐसा कैसे करें? आप नीचे लिखे कुछ नुस्खे आज़मा सकते हैं
अ) आईने से बात करें
जब कभी हमें नकारात्मक सोच से पाला पड़े तो तुरंत आईने के सामने खड़े होकर स्वयं से मुस्कुराते हुए बोलें-
“आज मेरा दिन है
मुझे पता है,
मैं आज सबसे अव्वल आऊंगा
मैं विजेता हूँ”
क्या बोलना है वह शब्द अपनी परिस्थितियों के अनुसार चुनें।
ब) अपनी हथेलियों से बातें करें
अपनी हथेलियों को खोल कर उन्हें देखते हुए बोलें -
“मैं अपना भविष्य खुद रच सकता हूं
मैं सफल होकर दिखाऊंगा
सारी कायनात मेरे साथ है”
स ) प्रेरणात्मक गाना सुनें या गुनगुनाएं
कुछ अच्छे गाने जैसे “ हम होंगे कामयाब ….” या फिर “जीतेंगे हर जंग….. “ अपने मोबाइल पर रखें जब कभी मन नेगेटिव हो रहा है तो ऐसे गाने सुनें जो आपको अच्छे विचार की तरफ बढ़ाएं । अपने कुछ ऐसे गाने चुन कर रखें जो आपको अच्छे लगते हैं और जिससे आपका विचार नकारात्मक से सकारात्मक की तरफ आ जाता है उन्हें पहचानें और अपने साथ रखें।
हम होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब हम होंगे कामयाब एक दिन
हो हो मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन
हम होंगे कामयाब….
होगी शांति चारों होगी शांति चारों ओर होगी शांति चारों ओर एक दिन
हो हो मन में है विश्वास पूरा है विश्वास होगी शांति चारों ओर एक दिन
हम होंगे कामयाब….
हम चलेंगे साथ साथ डाले हाथों में हाथ हम चलेंगे साथ साथ एक दिन
हो हो मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम चलेंगे साथ साथ एक दिन
हम होंगे कामयाब….
नहीं डर किसी का आज नहीं भय किसी का आज नहीं डर किसी का आज के दिन
हो हो मन में है विश्वास पूरा है विश्वास नहीं डर किसी का आज के दिन
हम होंगे कामयाब…..
द) चुनिंदा दोस्तों से बात करें
अपने कुछ अच्छे दोस्तों को चुन के रखें जो आपको कभी भी नकारात्मकता से बाहर निकाल सकते हैं। ऐसे दोस्त जो आपको अच्छी तरह से जानते हैं और आपके अंदर जो गुण और प्रतिभा है उसे पहचानते हैं । ऐसे लोग आपको तुरंत ही नकारात्मकता से बाहर निकाल सकेंगे। आपने सुना ही होगा हनुमान जब समुद्र पार कर लंका जा रहे थे तो उन्हें लगा कि वह इतना बड़ा समुद्र कैसे पार कर सकेंगे , तब उनके साथी ही थे जिन्होंने उनकी सोच को बदला और अंततः वे समुद्र पार कर लेते हैं। इसी तरह से जब अर्जुन महाभारत में युद्ध के लिए खड़े थे तो किस तरह नकारात्मकता ने उन्हें घेर लिया था ।तब उनके साथ खड़े श्री कृष्ण ने उन्हें नकारात्मकता से बाहर निकाला ।
कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि आपके कुछ दोस्त आप के बारे में कुछ नकारात्मक बातें करते हैं और कुछ सकारात्मक। यदि आप नकारात्मक बातें अन-सुना कर सिर्फ सकारात्मक बातें सुनें तो यह अवश्य ही आपकी सफलता के पथ पर आपकी सहायता करेगा ।
एक मेंढक की कहानी
एक मेंढक पेड़ पर चढ़ रहा था। उसने निश्चित किया कि वह सबसे ऊंची वाली डाली पर जाएगा। उसके बहुत सारे मित्र जो नीचे थे उन्हें ऐसा लग रहा था कि यह कभी भी ऊंची डाली तक नहीं पहुंच पाएगा, गिर जाएगा, मर जाएगा। वह सब जोर जोर से चिल्ला रहे थे रुको रुको।सबसे ऊपर वाली डाली तक पहुँचना बिल्कुल असंभव है ।वह इन सबके बावजूद सबसे ऊंची वाली डाली तक पहुंच गया। पता है क्यों ? क्योंकि वह मेंढक बहरा था।उसे बाकी लोगों की कोई भी बात सुनाई नहीं पड़ रही थी । वह यह सोच रहा था कि उसके साथी उसके लिए खुशी जाहिर कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं ।
इस कहानी से यह सीख मिलती है कि नकारात्मक सोच को नहीं सुनें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें ।
लोगों में थोड़ा सा अंतर होता है जिससे सफलता और असफलता निर्धारित होती है। एक बार जब आप नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में बदल देते हो, तब आपको सकारात्मक नतीजे मिलने शुरू हो जाते हैं।
सकारात्मक सोच के साथ जीवन बिताना
हमें अपनी जीवन शैली के रूप में सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। यदि हम पारिवारिक तौर पर सकारात्मक सोच का प्रदर्शन करते हैं तो काफी संभावना है कि घर के सभी सदस्य सफलता के पथ पर मार्च करेंगे। हम अपने बच्चों को भी सकारात्मक सोच की परिपाटी देंगे। यदि आप उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों में मजबूत रहते हैं, और अपने आदर्शों के साथ जीवन जीते हैं, तो आप निश्चित ही सफलता को अपने पास आता हुआ महसूस करेंगे। जीवन शैली में यदि कोई नकारात्मक क्षण आया भी तो निश्चित ही वह शीघ्र सकारात्मकता में परिवर्तित हो जाएगा क्योंकि आपके आसपास सभी लोगों की सोच सकारात्मक है ।
उनके लिए हमेशा फूल मौजूद होते हैं जो हमेशा फूल देखना चाहते हैं
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