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सफलता 4 : जो भी करो विशेष करो

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क्रमशः  …...अब तक आपने मेरे सफलता सीरीज़ के पिछले ब्लोग्स में पढ़ा कि “सफलता क्या है” और “सफलता की सोच”।    अब आगे पढ़िए….. 

 

विशेष यानी गुणवत्ता पर जोर

यदि हम ज्यादा काम करें और उसमें गुणवत्ता न हो;  तो उससे अच्छा है कि हम कम करें मगर वह गुणवत्ता से भरा हो, विशेष हो,  दुनिया में अनोखा हो।  जो भी कार्य करें,  उसे पूर्णता से करें, उसके बारे में हमें पूर्ण ज्ञान हो।  पूर्णता और गुणवत्ता से  किया गया कार्य, अलग ही दिखता है, सभी को पसंद आता है  और यह सफलता की सीढ़ी बन जाता है।  कार्य ऐसा हो कि सभी पूछें, किसने किया, कैसे किया? अच्छा कार्य स्वयं बोलता है। कहीं नई टीम बन रही है तो ऐसे व्यक्तियों को  ढूंढ कर, पहले अवसर दिया जाता है। 

मोनालिसा चित्र की तरह विशिष्ट गुणवत्ता से भरा कार्य  हो तो सबका ध्यान आकर्षित होता ही है,  साथ ही बहुत अच्छा प्रभाव  पड़ता है। दुनिया हमेशा महारत हासिल  लोगों को पूछती है। हमेशा उन लोगों की सराहना होगी जो कार्यों का  सर्वश्रेष्ठ संपादन करते हैं।  क्या अपने  कार्य को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाना आसान है? बिल्कुल नहीं। आसान नहीं है इसीलिए इन लोगों की सराहना की जाती है।  यदि आप क्रिकेट खेलते हैं तो आपका उत्कृष्ट खेल आपको हीरो बनाता है, जैसे विराट कोहली हो या सचिन तेंदुलकर। 

आप जिस क्षेत्र में काम कर रहे हैं उसे अच्छे से अच्छा करें । आपके द्वारा अच्छा किया गया कार्य आपके व्यक्तित्व को भी निखारता है।  दुनिया में अनोखा होने का क्या मतलब है? हम जो भी कार्य करते हैं या कुछ बनाते हैं वह लोगों को आकर्षित और प्रभावित करता है। हमारा कार्य सेवा या क्षमता ऐसे उत्कृष्ट गुणों से भरपूर हो जो   लोगों को पसंद आए और उसे सबसे अच्छा कहा जाए। 

अपने लिए क्षेत्र का चुनाव

इसका मतलब यह  है कि अपने आप को समझो मेरा क्या दृष्टिकोण है और मेरी क्या महत्वाकांक्षा है। इससे मैं यह निर्धारित कर सकता हूं कि क्या मुझे खेलों के लिए हां करना है,  बिज़नेस में जाना है, कोई अच्छी नौकरी करनी है या  संगीत को कैरियर बनाना है। आपको अपने लिए एक क्षेत्र का चुनाव करना है। आपको अपनी जगह बनानी है। आप  जहां  भी हैं अपनी विशिष्टता को पहचानें,  आसपास के लोगों से  मुझ में क्या अलग हैं  जानें।  अपनी अलग पहचान बना अपने आपको अपने गांव या शहर,  जिला, राज्य या देश में स्थापित करना है तो इस सफर में लगभग 5 से 10 वर्ष लग जाएंगे।

शीर्ष स्थान पर पहुंचने की लगातार कोशिश

लगातार और हमेशा कोशिश कीजिए कि आप ऊपर के 5 या 10 प्रतिशत में शामिल हो जाएं । 

यदि आप कुछ अच्छा करना चाहते हैं बड़ा बनना चाहते हैं तो ऐसा कुछ करें जो अद्वितीय है।  तो क्या करें?                                                                                                                      

प्रतियोगियों को पछाड़कर आगे बढ़ना

अब, मैं आपको अपने जीवन का खुलकर आकलन करने की चुनौती देता हूं। आप इनमें से कौन से नियम  का पालन कर रहे हैं और कौन सा तोड़ रहे हैं? अपने आप से ईमानदारी से पूछें, फिर आज उस पर ध्यान दें, सुधारें और कार्रवाई करें जो आपको एक विश्व स्तरीय व्यक्ति और कलाकार बनने में मदद करेगा। दुनिया भर के बहुत ही कम लोग इस उपाधि के हक़दार हैं शायद 5% या उसे  भी कम।

आपको अपने सपनों की ओर बढ़ना असंभव लग सकता है। आप ठीक-ठीक जानते हैं कि आप क्या करना चाहते हैं, लेकिन आपके रास्ते में अंतहीन बाधाएँ हैं। आप अकेले नहीं हैं जो यह कार्य कर रहे हैं  कठिन प्रतियोगिता है - हजारों या लाखों लोग प्रतिस्पर्धा करने के लिए  तैयार हैं ठीक उसी क्षेत्र में जो आप करना चाहते हैं। आप  इस चूहे बिल्ली की दौड़  में फँस तो नहीं जाएंगे! आप कैसे इतनी जल्दी तरक्की कर  सकते हैं कि आपके सपने  पूरे हों और आप अपने कार्य को समाज  में प्रस्तुत  करें और समाज उसे स्वीकार कर ले , पसंद करे।

आप सामान्य स्थिति  में   कंप्टीशन रखने वाले लोगों  की भीड़ में से आगे बढ़ने के लिए आवश्यक छलांग कैसे लगा  सकते  हैं? आखिरकार, आपके पास   भी अन्य जिम्मेदारियों  का बोझ है। आपके पास प्रत्येक दिन सीमित समय होता है। काम और बाकी सब कुछ जो  इस समय चल रहा है,  उससे आगे उठना है!  

अगर आपके पास अपना काम करने के लिए  पर्याप्त ऊर्जा  नहीं है,  हिम्मत नहीं है, या रिसोर्सेज नहीं है तो आप विफल होने पर अपने आप को दोषी महसूस कर सकते हैं। अपनी क्षमताओं पर संदेह भी हो सकता है। ऐसी परिस्थितियां निराशाजनक महसूस  हो सकती है । 

आवश्यक तैयारियों के साथ अधिकांशतः प्रतियोगिता को पार करना मुश्किल नहीं है।  आपके  प्रतियोगी भी उसी प्रकार की और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आप कर रहे हैं। सफल कुछ ही होते हैं,   जिनका जीवन रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए ही बना  है। सबसे पहले वे  लोग कोशिश छोड़ देंगे -  जो औसत दर्जे  के हैं।

अनुभवी लोगों की सलाह

अपने क्षेत्र में शीर्ष 5-10 प्रतिशत स्थान प्राप्त करने के लिए  अनुभवी लोगों की सलाह   लेनी चाहिए । जान कार और अनुभवी लोगों द्वारा सिखाए गए सिद्धांतों का पालन करके  आप ऊँचाइयों पर कुछ सरलता से पहुंच सकते हैं  हालाँकि, आप जो करते हैं, उसमें सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए, इन सलाहों से भी कुछ ऊपर उठना पड़ता है  कुछ आपके स्वयं नए विचार  नए एक्सपेरिमेंट  होते हैं जो अंततः ऊँचाइयों पर ले जाते हैं ।

ऊंचाई पर कम प्रतियोगिता

जहां ऊँचाइयों पर प्रतियोगिता कम हो जाती है वहीं  और ऊपर उठने के लिए  आप ऐसे स्थान पर पहुंच जाते हैं जहां एक तरफ कुआं है और एक तरफ खाई - जहां  सफलता की संभावना के साथ साथ विफलता की  भी संभावना अधिक है। इस बिंदु पर, आपके द्वारा  दिए गए नए  विचार का विरोध किया जाता है तो आपको लगता है कि आपको  वह सब छोड़ देना चाहिए, पर आप मन की सुनें ।

सामाजिक मीडिया का रोल

आज इतने सारे सामाजिक मीडिया उपलब्ध हैं कि हम सब एक दूसरे को बहुत ज्यादा जानते हैं।  इससे यह आसानी तो हो गई है कि यदि मुझ में कुछ खास है तो मैं उसे समाज के सामने मीडिया द्वारा ला  सकता हूं।  मगर इससे समाज में सजगता बढ़ी है और समाज का उत्कृष्टता का पैमाना और आगे बढ़ गया है। इसलिए हमें और भी अधिक उत्कृष्ट होते जाना है। हम जिस शहर में या गांव में रहते हैं वहां यह पहचान बननी चाहिए कि मैं सबसे उत्कृष्ट हूं और धीरे-धीरे यह पहचान जिला राज्य और देश में बनानी है। हमें ऐसी बहुत सी कहानियां मालूम है जहां लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है ,धीरे धीरे उनकी ख्याति पूरे देश मे फैल गई।

सोशल मीडिया से हमें यह भी पता चलता है कि बाकी लोग क्या कर रहे हैं ? बार-बार खुद से यह पूछने की जरूरत है कि मैं ऐसा क्या कर रहा हूं जिससे मैं एक खास हूं।

शीर्ष पर पहुंचे

अपनी मेहनत लगन  और योजना के साथ   अपने लक्ष्य के पथ पर चलते रहेंगे  तो आप अपने क्षेत्र में शीर्ष  के 5-10 प्रतिशत  में अपना नाम लिखा पाएंगे।  एक बार आप    ऊँचे उठ जाते हैं तो आप की प्रतियोगिता कम होने लगती है.    क्योंकि उस धरातल पर कम लोग ही होते हैं.   ऊपर उठने के लिए हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव की आवश्यकता है। आपको जल्दी से अपने क्षेत्र के शीर्ष 5-10 प्रतिशत में लाने के लिए एक रूपरेखा  दी जा रही है ताकि आप जो कुछ भी करते हैं उसमें सर्वश्रेष्ठ बनने की वास्तविक खोज शुरू कर सकें।

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क्रमशः….  अगले सप्ताह आगे पढ़ें…….


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